Thursday, 3 May 2012

विनम्र अनुरोध

मेरा मानना है कि राष्ट्र के प्रथम नागरिक द्वारा की गई हर बचत को राष्ट्रीय बचत माना जाना चाहिए और उसे राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महामहिम का महत्वपूर्ण योगदान माना जाना चाहिए. चाहे वह सरकारी धन बर्बाद कर की गई निजी बचत ही क्यों न हो. आपका क्या ख़याल है?