Monday, 21 March 2011

नाम है भ्रष्टाचार !!!!!! [होली है !]

होली के दिन जनमा
एक नेता का बेटा,
मुसीबत बन गया
चैन से नहीं लेता ?

पैदा होते ही
कमाल कर गया,
उठा, बैठा और
नेता की कुर्सी पर चढ़ गया !

यह देख डॉक्टर घबराई,
बोली - ये तो अजूबा है !
इसके सामने तो
साइंस भी झूठा है !!
इसे पकड़ो और लिटाओ
दुधमुंहा शिशु है, माँ का दूध पिलाओ ।

दूध की बात सुनकर
शिशु ने फुर्ती दिखाई,
पास खड़ी नर्स की
पकड़ी कलाई
बोला - आज तो होली है,
ये कब काम आएगी,
काजू-बादाम की भंग
अपने हाथों से पिलाएगी ।

नेता और डॉक्टर के
समझाने पर भी वह नहीं माना,
चींख-चींखकर अस्पताल सिर पर उठाया,
और गाने लगा 'शीला' का गाना !

उसके बचपने में
'शीला की ज़वानी' छा गई,
'मुन्नी बदनाम न हो
इसलिए नर्स भंग की रिश्वत लेकर आ गई !

शिशु को भंग पीता देख
नेताजी घबराये और बोले -
'तुम कौन हो और
क्यों कर रहे हो अत्याचार ?'
शिशु बोला - तुम्हारी ही औलाद हूँ
और नाम है भ्रष्टाचार

[] आप सबका हुरियारा - राकेश 'सोहम'

3 comments:

  1. अब तो यही होने वाला है।

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  2. बड़ा होनहार बच्‍चा है। इसी बच्‍चे के लिए तो हमारे नेतागण कितनी मनौतियां मानते हैं..कितना चढ़ावा चढ़ाते हैं..।

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