Tuesday, 7 December 2010

मैं उवाच

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहां दरिया समंदर से मिला दरिया नहीं रहता
-बशीर बद्र

यानी उन्हें केवल फेसबुक या ट्विटर फ्रेंड ही बनाना, सच्ची-मुच्ची का यार बनाने की कोशिश की तो गए काम से!
:-)
-इष्ट देव सांकृत्यायन

6 comments:

  1. बडी गहरी बात कह गये आप,

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  2. बहुत बड़ी बात कही है, बशीर बद्र साहब ने।

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  3. बशीर जी सच ही बोलते होंगे.

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  4. कित्ती सही बात कही न...
    ______________
    'पाखी की दुनिया' में छोटी बहना के साथ मस्ती और मेरी नई ड्रेस

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  5. हा हा हा हा...

    सही कहा...

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सुस्वागतम!!