Wednesday, 24 March 2010

जिंदगी पा गया

रतन

तुझे पाके मैं हर खुशी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

बहारों के सपने भी आने लगे
खिजां दूर पलकों से जाने लगे
तू है साथ हर सादगी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

हुए साथ भंवरे भी गाने लगे
थे वीराने जो मुस्कुराने लगे
था सूना जो दिल आशिकी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

हुए साथ तुम आई रानाइयां
अब बजने लगीं देखो शहनाइयां
जो तुम आए तो रोशनी पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

जमीं आसमां देखो मिलने लगे
मोहब्बत के जब फूल खिलने लगे
था मुरझाया गुलशन कली पा गया
ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया

3 comments:

  1. तुझे पाके मैं हर खुशी पा गया
    ज्यों सौ साल की जिंदगी पा गया...
    वाह ,पूरी रचना खूबसूरत.

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  2. वाह...वाह...वाह...

    बहुत ही सुन्दर मनमोहक गीत...वाह !!!

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  3. ratan ji ,is pyaare se sachche geet ke liye badhaii

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