Sunday, 9 August 2009

नारी-संविधान

नारी का
नारी के लिए
नारी के द्बारा
संविधान
गढ़ दिया गया,
बेटी का
बहू के लिए
सास के द्बारा
काम
मढ़ दिया गया!
[] राकेश 'सोऽहं'

1 comment:

  1. संविधान कभी कभी अपने खिलाफ भी गढा जाता है.

    ReplyDelete

सुस्वागतम!!