Saturday, 8 September 2007

ये कैसा प्यार?


और भी सुंदरता है इस दुनियां में कुत्ते के सिवा

1 comment:

  1. जुगुप्साजनक प्यार, मेरे हिसाब से -- शास्त्री जे सी फिलिप

    आज का विचार: हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.
    इस विषय में मेरा और आपका योगदान कितना है??

    ReplyDelete

सुस्वागतम!!