Thursday, 7 June 2007

चतुष्पदी

सोचो क्या यह दुनिया में हैरत की बात नहीं!
कितने सीने में दिल हैं लेकिन जज्बात नहीं.
रहे कहॉ भगवान, ना मंदिर मस्जिद में जाये तो?
काशी या काबा जैसा, कोई दिल पाक नहीं..

विनय स्नेहिल

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