Wednesday, 30 May 2007

अशआर

अब यकीनन ठोस है धरती हकीकत की तरह
ये हकीकत देख लेकिन खौफ के मारे न देख.

रक्त वर्षों से नसों में खौलता है,
आप कहते हैं क्षणिक उत्तेजना है.
दुष्यंत कुमार

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